Friday, June 4, 2010

जय हिंगलाज माँ !




समग्र
विश्व के कोने कोने
में फैले

ब्रह्मक्षत्रिय समाज के समस्त न्याति बन्धुओं को

मेरा सादर जय हिंगलाज !



मेरा यह नवीनतम ब्लॉग

समाज को समर्पित करते हुए मन हर्षित भी है

और गर्वित भी........



इस ब्लॉग के माध्यम से

समाज के तमाम समाचार

यहाँ प्रकाशित करने का प्रयास किया जायेगा


धन्यवाद,


-टीकमचंद वारडे




shri marwadi brahmkshtriya samaj, krahmkhatri, albela khatri, maa hinglaaj,manhar lal kaku, brahmkshtriya sampark samaj,raniwada, tikamchand varde,albelakhatri.com











4 comments:

  1. जय हिंगलाज माँ !

    यह नाम प्रथम बार सुना है.
    वैसे आपके इस ब्लॉग की विषय-वस्तु को लेकर अत्यंत हर्ष और उत्कंठा जागी है कि क्या-क्या होगा इस ब्लॉग में !!
    बस प्रारम्भ तो करिये.

    ReplyDelete
  2. " बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति.कॉम "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,
    जनोक्ति.कॉम www.janokti.com एक ऐसा हिंदी वेब पोर्टल है जो राज और समाज से जुडे विषयों पर जनपक्ष को पाठकों के सामने लाता है . हमारा प्रयास रोजाना 400 नये लोगों तक पहुँच रहा है . रोजाना नये-पुराने पाठकों की संख्या डेढ़ से दो हजार के बीच रहती है . 10 हजार के आस-पास पन्ने पढ़े जाते हैं . आप भी अपने कलम को अपना हथियार बनाइए और शामिल हो जाइए जनोक्ति परिवार में !

    ReplyDelete
  3. समाज उत्थान की दिशा में उठाया गया प्रत्येक कदम इतिहास बनता है। ब्लॉग की शुरूआत करने के लिये ढेर सारी शुभकामनाएँ।-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा निरंकुश, सम्पादक-प्रेसपालिका (जयपुर से प्रकाशित पाक्षिक समाचार-पत्र) एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास) (जो दिल्ली से देश के सत्रह राज्यों में संचालित है। इस संगठन ने आज तक किसी गैर-सदस्य, या सरकार या अन्य बाहरी किसी भी व्यक्ति से एक पैसा भी अनुदान ग्रहण नहीं किया है। इसमें वर्तमान में ४३०९ आजीवन रजिस्टर्ड कार्यकर्ता सेवारत हैं।)। फोन : ०१४१-२२२२२२५ (सायं : ७ से ८) मो. ०९८२८५-०२६६६समाज उत्थान की दिशा में उठाया गया प्रत्येक कदम इतिहास बनता है। ब्लॉग की शुरूआत करने के लिये ढेर सारी शुभकामनाएँ।-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा निरंकुश, सम्पादक-प्रेसपालिका (जयपुर से प्रकाशित पाक्षिक समाचार-पत्र) एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास) (जो दिल्ली से देश के सत्रह राज्यों में संचालित है। इस संगठन ने आज तक किसी गैर-सदस्य, या सरकार या अन्य बाहरी किसी भी व्यक्ति से एक पैसा भी अनुदान ग्रहण नहीं किया है। इसमें वर्तमान में ४३०९ आजीवन रजिस्टर्ड कार्यकर्ता सेवारत हैं।)। फोन : ०१४१-२२२२२२५ (सायं : ७ से ८) मो. ०९८२८५-०२६६६E E-mail : dr.purushottammeena@yahoo.in

    ReplyDelete